नई दिल्ली: प्रणब मुखर्जी यूपीए की ओर से राष्ट्रपति उम्मीदवार तो बन गए हैं, लेकिन ये सवाल बना हुआ है कि अगर वो राष्ट्रपति बने तो वित्त मंत्री कौन होगा.
सूत्र कह रहे हैं कि पीएम फिलहाल वित्त मंत्रालय अपने पास रखेंगे. लेकिन सवाल ये भी है कि प्रणब की जगह लोकसभा में नेता सदन कौन होगा.
इस सवाल का जवाब अब तक नहीं मिल पाया है. यूपीए ने प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार तो बना दिया है. लेकिन प्रणब मुखर्जी की भरपाई सरकार में कौन करेगा इस पर यूपीए में माथापच्ची जारी है.
यूपीए की मुश्किल ये है कि प्रणब की जगह उसे सिर्फ नया वित्त मंत्री ही नहीं खोजना है, लोकसभा में सदन का नेता कौन होगा इस बारे में भी जल्द फैसला लेना है.
ग़ौरतलब है कि प्रणब मुखर्जी अभी वित्त मंत्री होने के साथ साथ लोकसभा में सदन के नेता भी हैं.
खबर ये भी है कि सदन के नेता के तौर पर चिंदबरम के नाम पर अब विचार नहीं किया जा रहा है. लोकसभा में नेता सदन के लिए अब दो नए नामों पर विचार हो रहा है और ये नाम हैं जयपाल रेड्डी और सुशील कुमार शिंदे के.
लोकसभा में नेता सदन के लिए जयपाल रेड्डी इसलिए चुने जा सकते हैं क्योंकि उनकी गिनती भी सोनिया के भरोसेमंद लोगों में होती है, फिर वो आंध्र प्रदेश से आते हैं. जहां हाल ही में हुए उप चुनाव में कांग्रेस को ब़ड़ा झटका लगा है. लिहाजा रेड्डी को चुनकर कांग्रेस आंध्र में ये संदेश भेजना चाहती है कि आंध्र की अहमियत उनके लिए कितनी है.
जहां तक सुशील कुमार शिंदे की बात है तो वो भी कद्दावर नेता माने जाते हैं. उनका दलित होना भी उनके पक्ष में जाता है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अगर शिंदे को लोकसभा में नेता सदन बनाती है तो इससे उसका दलित वोट बैंक को फायदा होगा.







