नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर आरोप लगाया कि देश के आर्थिक हालात पर वह इंकार की मुद्रा में बने हुए हैं.
प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी के बाद कि अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने संवाददाताओं से कहा कि यह समय सरकार के जागने का है.
जेटली ने कहा, "सरकार देश के विकास दर अनुमान को कम किए जाने के मुद्दे से मुह छिपाने की कोशिश कर रही है. यह रपट एक चेतावनी है." जेटली ने कहा, "वास्तविकता को देखने-समझने के लिए और स्थिति से निपटने और कार्रवाई करने के लिए अभी बहुत देरी नहीं हुई है."
इसके पहले मनमोहन ने कहा था, "अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है. दुनिया में हमारी बचत और निवेश दर सबसे ऊंची है."
प्रधानमंत्री उन वैश्विक रेटिंग एजेंसियों पर टिप्पणी कर रहे थे, जिन्होंने सुधार नीति के अभाव और विनिर्माण व निर्यात में गिरावट तथा औसत से कम मानसून का हवाला देते हुए हाल ही में वित्त वर्ष 2012-13 के लिए देश के विकास अनुमान में कटौती कर दी है.
मनमोहन ने कहा कि अर्थव्यवस्था की विकास सम्भावनाओं के बारे में बेबुनियाद निष्कर्ष नहीं निकाले जाने चाहिए.
मूडीज ने आठ अगस्त को जारी बयान में कहा था कि मंदी अनुमान से अधिक तेज और व्यापक हो गई है और अब अर्थव्यवस्था के सभी सेक्टरों में प्रवेश कर गई है. इसके साथ ही उसने विकास दर अनुमान को घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया था.
पीएम आर्थिक हालात पर इंकार की मुद्रा में: भाजपा







