नई दिल्‍ली: देश के अलग-अलग शहरों में रहने वाले पूर्वोत्तर के लोगों को भरोसा दिलाने की पूरी कोशिश की जा रही है. कर्नाटक पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है तो सीबीआई की तरफ से हेल्पलाइन नंबर शुरू किए गए हैं.

सोशल साइट पर उड़ रही अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए गृह मंत्रालय भी सख्त हो गया है ताकि पिछले तीन दिनों से नॉर्थ ईस्ट के लोगों के घर लौटने का सिलसिला रुक सके.

उत्तर-पूर्व के लोगों में असुरक्षा की भावना को रोकने के देश भर में कड़े कदम उठाए जा रहे हैं. बल्क एसएमएस और एमएमएस पर भेजने पर रोक लगा दी गई है. ये रोक फिलहाल 15 दिनों के लिए लगाई गई है.

प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को संसद में भरोसा दिलाया कि जो भी अफवाह फैला रहे हैं उनसे सख्ती से निपटा जाएगा.

प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैं आश्वस्त करता हूं कि हम पूर्वोत्तर के अपने मित्रों और नागरिकों और बच्चों की देश के हर हिस्से में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भरसक कोशिश करेंगे.'

विपक्ष ने भी लोगों का भरोसा बहाल करने की जरूरत पर जोर दिया है.

सुषमा स्‍वराज के मुताबिक, 'सभी एकमत होकर पूर्वोत्तर के लोगों को यह संदेश दें कि वे सभी हमारे भाई-बंधु हैं. वो जहां चाहे रहें, जहां चाहे पढ़ें उन्‍हें कोई परेशानी नहीं होगी. हमसब उनके साथ है.'

देर रात दिल्ली में कर्नाटक के सीएम जगदीश शेट्टार और गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के बीच मुलाकात हुई. बैठक के बाद शिंदे ने कर्नाटक सरकार की कोशिशों पर संतोष जाहिर किया.

सोशल साइट पर आपत्तिजनकर सामग्री को लेकर अब गृह मंत्रालय भी सख्त हो गया है. सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय ने सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर आपत्तिजनक सामग्री रोकने के लिए आईबी और पुलिस को निर्देश जारी किए हैं.

साथ ही सोशल नेटवर्किंग साइट चलाने वाले को भी इसे रोकने के लिए कहा गया है. ये चेतावनी भी दी गई है कि अगर सोशल नेटवर्किंग साइट्स के मालिकों ने कड़े कदम उठाने में ढिलाई बरती तो उन्हें ब्लॉक भी किया जा सकता है.

सीबीआई ने उत्तर पूर्व के लोगों के लिए दो हेल्पलाइन नंबर खोले हैं. ये नंबर हैं- 08811099996 और 08811099997.


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