हैदराबाद: भारतीय क्रिकेट टीम के वेरी वेरी स्पेशल बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है. वो 23 अगस्त को शुरू होने वाली न्यूजीलैंड सीरीज में भी नहीं खेलेंगे.

हालांकि पहले कहा जा रहा था कि लक्ष्‍मण न्‍यूजीलैंड के खिलाफ हैदराबाद में होने वाली दो टेस्‍ट मैचों की सीरीज के बाद संन्‍यास लेंगे.

हैदराबाद में एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान वीवीएस लक्ष्‍मण ने कहा कि संन्‍यास लेने का यही सही वक्‍त है और वो युवाओं को मौका देना चाहते हैं.

लक्ष्‍मण ने कहा,  'देश के लिए खेलना गर्व की बात है.  मेरे करियर को 16 साल हो गए हैं और मैं समझता हूं कि संन्‍यास लेने का यही समय है और मैं युवाओं को मौका देना चाहता हूं.'

संन्‍यास का ऐलान करते हुए लक्ष्‍मण काफी भावुक नजर आए और उन्‍होंने अपने परिवार, कोच, टीम के खिलाड़‍ियों और चोट से उबरने मे उनकी मदद करने वाले डॉक्‍टरों का शुक्रिया अदा किया.

गौरतलब है कि टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया के लिए कई यादगार पारियां खेलने वाले वीवीएस लक्ष्मण के लगातार खराब प्रदर्शन ने उन्हें सवालों के घेरे में ला खड़ा किया था. सवाल उठने लगे थे कि लगातार फ्लॉप रहने के बावजूद लक्ष्मण आखिर टीम में क्यों बने हुए हैं? और कब तक बने रहेंगे? ऐसे में कहीं वो दूसरे उभरते खिलाड़ियों की जगह तो नहीं घेर रहे हैं? लेकिन लक्ष्मण ने इन सवालों का कभी कोई साफ जवाब नहीं दिया.

कभी ये संकेत भी नहीं दिया कि वो टेस्ट को अलविदा कहने की सोच रहे हैं, लेकिन अब उन्‍होंने अचानक टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला कर लिया. सूत्रों की मानें तो उनके इस फैसले में एक चयनकर्ता ने बड़ी भूमिका निभाई है.

सूत्रों के मुताबिक न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट टीम के चयन से पहले मुख्य चयनकर्ता श्रीकांत ने लक्ष्मण को सलाह दी कि संन्यास का सही वक्त आ गया है. श्रीकांत ने लक्ष्मण से कहा कि बेहतर होगा कि वो अब फैसला कर लें क्योंकि न्यूजीलैंड सीरीज के बाद नए चयनकर्ता आएंगे और तब गारंटी नहीं होगी कि वो टीम में होंगे या नहीं.

माना जा रहा है कि श्रीकांत की इसी सलाह पर गंभीरता से विचार करने के बाद लक्ष्मण ने आखिरकार फैसला ले लिया. वो फैसला जो किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता. वन-डे क्रिकेट से लक्ष्मण काफी पहले ही नाता तोड़ चुके हैं, लेकिन अब टेस्ट क्रिकेट में भी दूसरी पारी का धुरंधर खिलाड़ी और कलाई का ये जादूगर नहीं दिखेगा.

टीम इंडिया के पूर्व कोच अंशुमान गायकवाड़ के मुताबिक, 'अजहरुद्दीन के बाद लक्ष्मण दूसरे ऐसे बल्लेबाज हैं, जिनकी टाइमिंग कमाल की है और जो अपनी बल्लेबाजी में कलाई का बेहतरीन इस्तेमाल करते हैं. संन्यास के बाद लोग उन्हें याद रखेंगे.'

लक्ष्मण अब मैदान में नहीं दिखेंगे, लेकिन पिछले 16 सालों में वेरी वेरी स्पेशल लक्ष्मण ने टीम इंडिया के लिए जो बेमिसाल पारियां खेली है उन्हें कोई भुला नहीं पाएगा.

मुख्य चयनकर्ता के रूप में कई बड़े फैसले लेने वाले श्रीकांत वीवीएस लक्ष्मण के शुभ चिंतक भी माने जाते हैं. चयनकर्ता के रूप में श्रीकांत का कार्यकाल खत्म होने वाला है. साफ है कि श्रीकांत नहीं चाहते थे कि लक्ष्मण की विदाई उनके लिए कड़वी याद बनकर रह जाए.

लक्ष्मण ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत 1996 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ की थी. लक्ष्मण ने अब तक 134 टेस्ट में 8781 रन बनाए हैं,  जिनमें 17 शतक शामिल हैं.

वीवीएस लक्ष्मण उस सुनहरी चौकड़ी का हिस्सा रहे हैं, जिसमें राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली और सचिन तेंडुलकर थे. द्रविड़ और गांगुली पहले ही संन्यास ले चुके हैं.



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