नई दिल्ली: टेलीविजन धारावाहिक 'परिचय- जिंदगी के सपनों का' ने 10 सालों की छलांग मारी है और धारावाहिक में मुख्य भूमिका निभाने वाले समीर सोनी का कहना है कि छोटे पर्दे पर एक धारावाहिक की कहानी से ज्यादा उसके किरदार राज करते हैं.

समीर ने बताया, 'छलांग लगाना केवल कहानी को आगे ले जाने का तरीका है. अगर आप 250 कड़ियां देख चुके हैं, तो एक किरदार के सभी पहलुओं को जान जाते हैं- वह अच्छा है, बुरा है या उदास है.'

उन्होंने कहा, 'टेलीविजन पर कहानी काम नहीं करती. वह किरदार होता है, जो काम करता है. सभी कहानियों में प्यार, नफरत और त्याग होता है. किरदार काम करता है और यह कि उसे शो में किस तरह निभाया गया है.'

'परिचय' कुणाल नाम के एक वकील की कहानी से शुरू हुआ था, जो अपने मालिक से प्रताड़ित होने के बाद वकालत छोड़ देता है.

वैसे 43 वर्षीय समीर 'चाइना गेट', 'बागबान', 'विवाह' और 'आई हेट लव स्टोरी' जैसी कई फिल्मों में भी काम कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लगता है कि टेलीविजन कलाकार को बहुत व्यस्त रखता हैं.

उन्होंने कहा, 'मैं टेलीविजन का आनंद ले रहा हूं. यह फिल्मों से कहीं अधिक मांग में है. आपको इसमें रोजना नौकरी की तरह 10 घंटे काम करना पड़ता है. इसका एक फायदा यह है कि आप जो भी करते हैं, उसे एक या दो दिनों में देख लेते हैं. इसलिए टेलीविजन आपको हमेशा व्यस्त रखता है.'


article comments powered by Disqus