इस्लामाबाद: पाकिस्तान में सर्वोच्च न्यायालय ने स्विस अधिकारियों को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले दोबारा खोलने के लिए पत्र लिखने के उसके आदेश का पालन न करने के मामले में बुधवार को प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया.
समाचार पत्र 'डॉन' के मुताबिक सर्वोच्च न्यायालय ने एनआरओ कार्यान्वयन मामले में सुनवाई 27 अगस्त तक स्थगित कर अशरफ को सम्मन जारी किया.
आदेश में कहा गया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री अदालत के निर्देशों का कार्यान्वयन करने में असफल रहे हैं. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आसिफ सईद खोसा की अध्यक्षता वाली पांच जजों की विशेष खंडपीठ ने मामले में बुधवार को सुनवाई की.
महान्यायवादी इरफान कादिर ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को सुलझाने के लिए गम्भीर कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि इसके लिए और समय चाहिए.
अदालत ने 25 जुलाई को अशरफ को जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले दोबारा खोलने के विषय में स्विस अधिकारियों को पत्र लिखने के लिए उन्हें आठ अगस्त तक का समय दिया था.
अशरफ से पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री रहे यूसुफ रजा गिलानी द्वारा अदालत के आदेश मानने से इंकार कर देने के बाद उन्हें अदालत की अवमानना की वजह से अयोग्य करार दे दिया गया था.
भ्रष्टाचार के आरोपी जरदारी को 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश के तहत माफी दे दी थी. जरदारी और खासतौर पर उनकी पत्नी व पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की स्वदेश वापसी के लिए उन्हें यह माफी दी गई थी.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को कारण बताओ नोटिस







